UP की पहली वंदे भारत स्लीपर की आज लॉन्चिंग, देखें रूट-टाइमिंग-स्टॉपेज
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए आज का दिन खास है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) उत्तर प्रदेश को पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस (Vande Bharat Sleeper Express) की सौगात देने जा रहा है. 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वाराणसी से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.
नई ट्रेन के शुरू होने से काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन से वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में मौजूदा शिव गंगा एक्सप्रेस के मुकाबले 55 मिनट कम लगेंगे. वहीं, वापसी में यात्रियों के 35 मिनट बचेंगे.
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली यह वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी. इससे इन शहरों के यात्रियों को भी दिल्ली आने-जाने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए यह ट्रेन काफी उपयोगी साबित हो सकती है. उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway) के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा के मुताबिक, 31 अक्टूबर को इस ट्रेन का उद्घाटन बनारस रेलवे स्टेशन से उद्घाटन स्पेशल ट्रेन नंबर 02527 के रूप में किया जाएगा.
उद्घाटन स्पेशल की क्या होगी टाइमिंग?
उद्घाटन के दिन यानी 31 अक्टूबर को विशेष ट्रेन बनारस रेलवे स्टेशन से दोपहर 4:15 बजे रवाना होगी. यह शाम 6 बजे प्रयागराज, रात 8:05 बजे कानपुर सेंट्रल और रात 11:20 बजे अलीगढ़ पहुंचेगी. अलीगढ़ से यह 11:22 बजे रवाना होगी. इसके बाद ट्रेन रात 1:10 बजे गाजियाबाद और रात 2 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी.
रेल मंत्रालय के मुताबिक, नियमित सेवा के दौरान वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी जंक्शन से रात 8:50 बजे रवाना होकर अगली सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रात 9:40 बजे चलेगी और अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी.
यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी. वाराणसी से शुरू होने वाली सेवा शुक्रवार को नहीं चलेगी, जबकि नई दिल्ली से चलने वाली सेवा शनिवार को बंद रहेगी. रात में सफर करके अगली सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचने की सुविधा से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को फायदा मिलेगा.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक इंतजाम किए गए हैं. इसमें ट्रेन को टक्कर से बचाने वाला स्वदेशी कवच सिस्टम यानी ट्रेन कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS), सीसीटीवी कैमरे और धुआं व आग का पता लगाने वाला फायर सेंसिंग सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा इमरजेंसी पैसेंजर अलार्म पुश बटन, आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम और आपदा प्रबंधन के लिए खास लाइटिंग की व्यवस्था भी होगी.
ट्रेन की कोच बॉडी ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील से तैयार की गई है. इसमें ऑटोमैटिक स्लाइडिंग प्लग डोर और पूरी तरह सील फ्लेक्सिबल गैंगवे दिए गए हैं. रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से ऊर्जा की बचत होगी, जबकि एयरोडायनामिक डिजाइन ट्रेन को बेहतर गति देने में मदद करेगा.
लंबी दूरी की रातभर की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में कई सुविधाएं दी गई हैं. यात्रियों को USB Type-A और Type-C चार्जिंग पोर्ट, 3-पिन चार्जिंग सॉकेट और Wi-Fi कनेक्टिविटी मिलेगी. सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह होगी. दिव्यांग यात्रियों के लिए खास बर्थ और शौचालय बनाए गए हैं.
इसके अलावा वैक्यूम सिस्टम वाले आधुनिक टॉयलेट, बेहतर शोर नियंत्रण के लिए नॉइज इंसुलेशन और फर्स्ट एसी कोच में गर्म पानी से नहाने की सुविधा भी मिलेगी. ट्रेन में 16 कोच होंगे. इनमें 1 फर्स्ट एसी, 4 सेकेंड एसी और 11 थर्ड एसी कोच होंगे. 1 फर्स्ट एसी में 24 सीटें, सेकेंड एसी में 188 सीटें और थर्ड एसी में 611 सीटें उपलब्ध होंगी. इस तरह ट्रेन में कुल 823 सीटें होंगी.

