PAK: विदेशी महिला से गैंगरेप केस में पुलिस ने डिप्टी PM के पोते को दी क्लीन चिट, लेकिन नौकरों पर लगाए आरोप
पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं से गैंगरेप के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार के पोते मोहम्मद रजा डार को पुलिस ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से क्लीन चिट दे दी है. लाहौर पुलिस ने अदालत में दाखिल अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि रजा डार समेत पांच लोगों के खिलाफ रेप के सबूत नहीं मिले. लेकिन पाकिस्तान पुलिस की असली करतूत अब शुरू होती है. पुलिस ने डिप्टी पीएम इशाक डार के पोते और उसके चार दोस्तों को तो क्लीन चिट दे दी है, लेकिन रजा डार के तीन मामूली नौकरों को यौन उत्पीड़न का आरोपी बनाया गया है.
यह मामला इसी साल 29 जून को सामने आया था. आरोप था कि नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो युवतियों लाहौर में अगवा कर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. पुलिस ने इस मामले में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. जांच के दौरान इशाक डार के पोते मुहम्मद रजा डार को मुख्य आरोपी के तौर पर चिह्नित किया गया था. इसके बाद मामला काफी हाई-प्रोफाइल हो गया.
मंगलवार को लाहौर पुलिस ने ट्रायल कोर्ट में जांच की अधूरी रिपोर्ट दाखिल की. इसमें रजा डार समेत पांच आरोपियों को रेप के आरोप से मुक्त कर दिया गया. हालांकि पुलिस ने इन पांचों को गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाने और जबरन वसूली जैसे छोटे अपराधों में दोषी पाया है. दूसरी तरफ, रजा डार के तीन कम वेतन पाने वाले नौकरों पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है.
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक दोनों महिलाओं ने अपने बयान में बताया कि उनकी मुलाकात अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में रजा डार से हुई थी. महिलाओं ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में निवेश का प्रस्ताव दिया. शुरुआती निवेश पर मुनाफा मिलने के बाद रजा डार ने इस कारोबार में 5 लाख डॉलर से ज्यादा का निवेश किया. पुलिस के मुताबिक इस बार महिलाओं ने उन्हें कोई मुनाफा नहीं दिया.
इसके बाद जून के आखिर में रजा डार ने दोनों महिलाओं को पाकिस्तान बुलाया. उन्हें एक अन्य निवेशक से मुलाकात का भरोसा दिया गया था. दोनों महिलाएं पहले इस्लामाबाद के एक होटल में रुकीं और फिर मुरी हिल स्टेशन भी गईं. बाद में उन्हें लाहौर के डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाके में एक मकान में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उन्हें बंधक बनाकर पैसे देने का दबाव बनाया गया.
पुलिस का दावा है कि महिलाओं से जबरन 19,500 डॉलर ट्रांसफर कराए गए. रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने महिलाओं से कथित तौर पर वसूले गए 43 लाख पाकिस्तानी रुपये, एक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद किया है. हथियार भी मिले हैं, जिनके आधार पर आर्म्स ऑर्डिनेंस के तहत अलग मामले दर्ज किए गए.
इस मामले का अहम पहलू यह है कि दोनों विदेशी महिलाओं की मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई थी. उन्होंने पाकिस्तान छोड़ने से पहले पुलिस के सामने अपने बयान भी दर्ज कराए थे. हालांकि पुलिस की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रजा डार समेत पांच लोगों के खिलाफ रेप का कोई सबूत नहीं मिला. पुलिस ने यौन उत्पीड़न के लिए तीन अन्य आरोपियों को जिम्मेदार ठहराया है.
इस तरह मामले में पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के निष्कर्षों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल पुलिस ने अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल की है.अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट को करना है.
