ताजमहल में रात में लाइट क्यों नहीं जलती... इसके पीछे वजह क्या है?
सालों से ताजमहल में रात के वक्त लाइट नहीं जलाई जाती है. दिन में दुधिया रंग का ताजमहल, रात के समय घुप्प अंधेरे में डूबा रहता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ताजमहल में रात के वक्त लाइट क्यों नहीं जलाई जाती है. इसे अंधेरे में क्यों रखा जाता है?
ताजमहल में रात के वक्त लाइट नहीं जलाने के पीछे कोई ऐतिहासिक वजह नहीं है. ऐसा साइंटिफिक कारणों से किया जाता है. ताजमहल, यूनेस्को हेरिटेज में शामिल एक ऐतिहासिक इमारत है. ताज को ट्रांसलूसेंट सफेद मार्बल से बनाया गया है. इसमें जैस्पर, जेड, फ़िरोज़ा, लैपिस लाजुली, नीलम और कार्नेलियन जैसे सेमीप्रेशियस पत्थर जड़े गए हैं.
यह पुराने जमाने के कंस्ट्रक्शन तकनीक का एक बोजोड़ नमूना है. इसके जोड़ की शायद ही कोई इमारत दुनिया में है. ऐसे में इसके रंग और खूबसूरती को सहेजे रखा बहुत जरूरी है. आज ताजमहल के आसपास बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से इसके बदरंग होने का संकट पैदा हो गया है.
ताजमहल में रात में क्यों नहीं जलती है लाइट ऐसे में अगर रात के वक्त यहां लाइटिंग कर दी जाए, तो ये कीड़े मकोड़ों को आकर्षित करेंगे. रात में तेज लाइट जलाने से यमुना नदी में और उसके पास पाए जाने वाले कीड़े और पतंगे ताज की दीवारों पर बैठते हैं. इनकी गंदगी से ताजमहल की दीवारें गंदी होती है और इन पर दाग पड़ जाते हैं. इससे इसकी दुधिया खूबसूरती खराब होती है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) की साइंस ब्रांच ने ताजमहल में लाइट जलाने पर पाबंदी लगा रखी है. तब ताजमहल परिसर में लगे हाईमास्ट लाइट से आकर्षित होकर कीड़े और पतंगे ताजमहल की दीवारों पर बैठने लगे थे.
एएसआई की जांच में पता चला कि इन कीड़ों की वजह से ताजमहल के संगमरमर गंदे हो रहे थे. वे मार्बल की सतह पर हरे- काले पिगमेंट छोड़ देते थे. इससे ताजमहल के संगमरमर का सफेद रंग, बदरंग हो रहा था.
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ताजमहल के मार्बल भर उभर आए इन धब्बों को मिटाना मुश्किल होता है. इस वजह से एएसआई के अधिकारियों ने इस विश्व धरोहर को संरक्षित रखने के लिहाज से यहां रात के वक्त लाइट जलाने पर पाबंदी लगा दी. यही वजह है कि ताजमहल में रात के समय कोई रोशनी नहीं होती है.

