'तेल खरीदने के पैसे नहीं, इसलिए बढ़ा किराया..', बस फेयर बढ़ने पर कर्नाटक सीएम शिवकुमार की दलील
कर्नाटक में सरकारी बसों का किराया बढ़ाने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन निगमों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. अगर केंद्र सरकार ईंधन की कीमतें कम करती है, तो राज्य सरकार भी बसों का किराया घटाने के लिए तैयार है.
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि पिछले सप्ताह ऐसी स्थिति पैदा हो गई थी कि बसों में डीजल भरवाने तक के लिए पैसे नहीं थे. ऐसे में सरकार को आर्थिक सहायता देनी पड़ी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी दे रही है, लेकिन परिवहन निगम लगातार घाटे का सामना कर रहे हैं.
डीके शिवकुमार ने कहा, 'कुछ दिन पहले बसों में डीजल भरवाने के लिए भी पैसे नहीं थे. सरकार को पैसा देना पड़ा. हमने मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है और हम घाटे में हैं. अलग-अलग चरणों में किराया दो रुपये और तीन रुपये बढ़ाया गया है, क्योंकि डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं.'
मुख्यमंत्री ने बस किराया बढ़ने के विरोध में प्रदर्शन करने वालों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ रही थीं, तब विरोध क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि दवाइयों, कीटनाशकों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ी हैं. खाद और सीमेंट महंगे हुए हैं, लेकिन इन मुद्दों पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए? उन्होंने दवाइयों की खरीद और बिक्री की कीमतों में अंतर को लेकर भी सवाल उठाए.
डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य में 25 लाख किसान हैं, जिन्हें अपनी आजीविका चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. सूखे के कारण किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. ऐसे समय में परिवहन कंपनियों को भी आर्थिक सहायता देने की जरूरत है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें. मुख्यमंत्री ने कहा, 'पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम कर दीजिए, हम बसों का किराया भी कम कर देंगे. इसमें कोई समस्या नहीं है.'
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक यह संदेश पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर सेस लगा रही है, तो उसे कम करने के लिए भी कदम उठाने चाहिए. ईंधन की कीमतें घटने पर राज्य सरकार उसी के मुताबिक बस किराया कम कर सकती है.
कर्नाटक सरकार ने 4 नवंबर को चार सरकारी सड़क परिवहन निगमों की बसों के किराये में बढ़ोतरी की घोषणा की है. परिवहन मंत्री बायरथी सुरेश के मुताबिक, KSRTC का औसत किराया 23 प्रतिशत और बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (BMTC) का किराया करीब 32 से 35 प्रतिशत बढ़ाया गया है. नई दरें 5 नवंबर से लागू होंगी. सरकार ने इस फैसले के पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतों, कर्मचारियों पर होने वाले खर्च और परिवहन निगमों के घाटे को वजह बताया है.

