फ्रांस और इटली के बाद अब पुर्तगाल में बवाल, पुलिस ने टेंट कैंप हटाकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा
पुर्तगाल में बढ़ती आवास समस्या के खिलाफ हजारों लोगों के प्रदर्शन के बाद रविवार को लिस्बन और पोर्टो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. प्रदर्शनकारी सरकार से उस किराये संबंधी विधेयक को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि इससे देश का आवास संकट और बढ़ सकता है.
लिस्बन के रॉसियो स्क्वायर में शनिवार को हजारों लोगों के मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों ने 50 से ज्यादा टेंट लगाए थे. रविवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस ने इस टेंट कैंप को हटाने की कार्रवाई शुरू की. पुलिस कमांडर इउरी रोड्रिग्स ने प्रदर्शनकारियों को तीन बार चेतावनी दी थी कि अवैध रूप से लगाए गए टेंट हटाए जाएंगे और विरोध करने वालों पर अवज्ञा का मामला दर्ज हो सकता है.
इसके बाद दर्जनों पुलिसकर्मी टेंट कैंप में पहुंचे. इनमें कुछ पुलिसकर्मी पुलिस कुत्तों के साथ भी थे. टेंट कैंप की सुरक्षा कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने ढाल और कुछ जगहों पर लाठीचार्ज का इस्तेमाल कर वहां से हटा दिया.
लिस्बन के अलावा पोर्टो के डोम जोआओ प्रथम स्क्वायर में भी इसी तरह का एक छोटा टेंट कैंप लगाया गया था. पुलिस ने वहां भी कार्रवाई करते हुए कैंप को हटा दिया. इससे पहले सोशलिस्ट पार्टी के सांसद पेड्रो डेलगाडो अल्वेस ने कहा था कि रॉसियो स्क्वायर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पुलिस की ऐसी कार्रवाई का कोई आधार नहीं था, जिसमें बल, शारीरिक हिंसा या लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया जाए.
पुर्तगाल इस समय यूरोप के सबसे गंभीर आवास संकटों में से एक से जूझ रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है. 2017 के बाद से देश में घरों की कीमतें दोगुने से ज्यादा हो चुकी हैं, जबकि नए किराये के समझौतों में किराया लगभग दोगुना हो गया है.
पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ती आवास लागत को लेकर पुर्तगाल में विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं. इसी तरह के प्रदर्शन स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोप के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल रहे हैं.पुलिस की पिछले सप्ताह भी इन्हीं इलाकों में टेंट कैंप हटाने के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने और दर्जनों लोगों को गिरफ्तार करने को लेकर आलोचना हुई थी.
