रिटायर हो रहे वायु सेना चीफ एपी सिंह ने शहीदों के लिए लिखा भावुक संदेश

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आज 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायु सेना के चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह यानी अमर प्रीत सिंह ने अपनी 42 साल की शानदार सेवा के आखिरी दिन नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे. उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. विजिटर्स बुक में एक भावुक संदेश लिखा. यह संदेश सिर्फ औपचारिकता नह...

आज 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायु सेना के चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह यानी अमर प्रीत सिंह ने अपनी 42 साल की शानदार सेवा के आखिरी दिन नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे. उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. विजिटर्स बुक में एक भावुक संदेश लिखा. यह संदेश सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि एक सैनिक के दिल की गहराई से निकला आभार है. 

सिंह ने लिखा कि उनकी यूनिफॉर्म वाली यात्रा खत्म होने वाली है. वे उन बहादुर पुरुषों व महिलाओं को नमन करते हैं जिन्होंने मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया. उनकी हिम्मत, कर्तव्य के प्रति समर्पण और निस्वार्थ वीरता ने हमें वह आजादी और सुरक्षा दी है जिसकी हम आज कद्र करते हैं.

यह संदेश इसलिए खास है क्योंकि यह एक उच्च अधिकारी की ओर से आया है जो खुद कई सालों तक देश की सुरक्षा में जुटा रहा. उन्होंने कहा कि वे इन हीरो और उनके परिवारों के कर्ज को गहराई से महसूस करते हैं. उनका विरासत हर सैनिक, नाविक और एयर वॉरियर को सौंपी गई जिम्मेदारी की लगातार याद दिलाता है. 

उन्होंने कामना की कि उनकी कुर्बानी आने वाली पीढ़ियों को सम्मान, साहस और अटल प्रतिबद्धता के साथ सेवा करने के लिए प्रेरित करती रहे. संदेश का अंत जय हिंद से हुआ जो देशभक्ति की भावना को और मजबूत करता है.

नेशनल वॉर मेमोरियल दिल्ली में शहीदों की याद में बना पवित्र स्थल है. यहां आने वाले अधिकारी अक्सर विजिटर्स बुक में अपनी भावनाएं दर्ज करते हैं. एपी सिंह का संदेश साफ और सरल शब्दों में लिखा गया है लेकिन इसमें गहरी सोच छिपी है. वे सिर्फ शहीदों को याद नहीं कर रहे बल्कि वर्तमान और भविष्य के सैनिकों को भी संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि ये बलिदान हमें आजादी का उपहार हैं. हमें इनकी कीमत चुकानी है अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से निभाकर.

यह संदेश सैन्य परंपरा का हिस्सा भी है. रिटायरमेंट से पहले चीफ ऑफ एयर स्टाफ वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि देते हैं. गार्ड ऑफ ऑनर लेते हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले ही उन्हें विदाई दी थी. ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका की सराहना की थी. सिंह की अगुवाई में वायु सेना की क्षमताएं मजबूत हुईं. अब उनका यह आखिरी संदेश उनके करियर का शानदार समापन है. ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाईं. 

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#WATCH | Delhi: Outgoing Chief of the Air Staff, Air Chief Marshal Amar Preet Singh, laid a wreath at the National War Memorial ahead of the handover of command to Air Marshal Ashutosh Dixit. https://t.co/m4tprFR6za

आज के समय में जब देश सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है तब ऐसे संदेश युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं. एपी सिंह ने साबित किया कि यूनिफॉर्म सिर्फ कपड़ा नहीं बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है. उनका संदेश हर नागरिक को याद दिलाता है कि आजादी मुफ्त में नहीं मिली. शहीदों के परिवारों का दर्द और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता. यह लेखन न सिर्फ एक अधिकारी की विदाई है बल्कि पूरे राष्ट्र की ओर से कृतज्ञता का प्रतीक भी बन गया है. जय हिंद!

Original Source
https://www.aajtak.in/defence-news/story/air-chief-marshal-ap-singh-national-war-memorial-visitors-book-message-rptc-2684977-2026-10-31?utm_source=rss
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