पहले खुद को राष्ट्रपति बताया, फिर डिलीट की पोस्ट! चुनाव हारकर अमेरिका पहुंचे बोल्सोनारो का नया दावा
ब्राजील में चुनाव होने और सत्ता परिवर्तन के बाद शुरू हुई सियासी खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. हार के बावजूद फ्लेवियो बोल्सोनारो इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं. उन्होंने अब अमेरिका पहुंचकर निर्वाचित राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा पर चुनावी तख्तापलट की साजिश का आरोप लगाया है. ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो ने अमेरिका पहुंचे हैं और वहां उन्होंने खुद को देश का असली नेता घोषित कर दिया.
हालांकि, बोल्सोनारो ने चुनाव में धांधली के अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है. अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनाव को निष्पक्ष बताया है. फ्लेवियो बोल्सोनारो ने बुधवार को अमेरिका पहुंचने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक ओपन लेटर जारी किया. इसमें उन्होंने शुरुआत में खुद को ब्राजील का 'निर्वाचित राष्ट्रपति' बताया. हालांकि, बाद में उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया और संशोधित पत्र जारी किया, जिसमें खुद को ब्राजील का वास्तविक नेता बताया.
बोल्सोनारो ने कहा, 'मैं अपने 6 करोड़ वोटर्स और ब्राजील की जनता से कहना चाहता हूं कि मैं उनका नेता हूं. जिन लोगों ने ब्राजील का चुनाव चुराया है, वे एक आपराधिक संगठन का हिस्सा हैं, जिसने देश में तानाशाही स्थापित कर दी है.'
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रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में बोल्सोनारो को मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से करीब 45 लाख वोटों से शिकस्त मिली है. इसके बाद वह अपने परिवार के साथ अमेरिका के मियामी पहुंच गए. उन्होंने ब्राजील से निकलने और अपने देश में स्वागत करने में मदद के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई का आभार जताया.
जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों ने जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बोल्सोनारो के आरोपों के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हालांकि, ट्रंप ने अपना पुराना बयान दोहराते हुए ब्राजील के चुनाव को 'बेहद अजीब' बताया.
ब्राजील और अमेरिका के बीच संबंधों में पहले से तनाव बना हुआ है. लूला ने वॉशिंगटन पर बोल्सोनारो परिवार को दोबारा सत्ता में लाने के लिए मिलीभगत करने का आरोप लगाया है. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने ब्राजील के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोपों को खारिज किया है.
बोल्सोनारो अपने परिवार के साथ बुधवार को मियामी पहुंचे. इससे पहले उन्होंने ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्हें अपने पासपोर्ट जमा करने को कहा गया था.
यह आदेश मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा है. बोल्सोनारो ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है. उन्होंने लूला सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर अपने परिवार के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया.
उन्होंने अपने पत्र में कहा, 'मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं. मैंने ब्राजील छोड़ा है, लेकिन ब्राजील की जनता को नहीं छोड़ा.'
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बोल्सोनारो ने चुनाव परिणाम को चुनौती देने के लिए मतदान का समय दो घंटे बढ़ाए जाने के फैसले को आधार बनाया है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने लिया था, जिन्हें लूला ने नियुक्त किया था.
लूला के चुनाव अभियान ने आरोप लगाया था कि वामपंथी समर्थन वाले पूर्वोत्तर राज्यों में मतदाताओं को मतदान करने से रोका जा रहा है. वहीं, बोल्सोनारो के चुनाव अभियान ने भी दक्षिणी राज्यों में बारिश के कारण मतदान का समय बढ़ाने की मांग की थी.
इंस्पर के प्रोफेसर पेड्रो बर्गोस के विश्लेषण के मुताबिक, अतिरिक्त दो घंटों में 35 हजार से भी कम वोट पड़े थे, जो कुल मतदान का लगभग 0.03 प्रतिशत था. जबकि बोल्सोनारो करीब 45 लाख वोटों से चुनाव हारे हैं.
विश्लेषकों के मुताबिक, हार का बड़ा अंतर और खुद बोल्सोनारो के चुनाव अभियान की ओर से मतदान का समय बढ़ाने की मांग किए जाने के कारण चुनाव रद्द होने की संभावना कम है.
फ्लेवियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो भी 2022 में लूला से चुनाव हारने के बाद अमेरिका चले गए थे. बाद में वह ब्राजील लौटे, जहां उन्हें तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में 27 साल जेल की सजा सुनाई गई. लूला ने इस सप्ताह कहा कि यह शर्मनाक है कि फ्लेवियो बोल्सोनारो अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए ब्राजील में नहीं रुके.
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है. फ्लेवियो बोल्सोनारो के खुद को ब्राजील का वास्तविक राष्ट्रपति घोषित करने के सवाल पर ट्रंप ने सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हालांकि, उन्होंने ब्राजील में हुए चुनाव को बेहद अजीब बताया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करने जा रहा हूं. मैं इसमें शामिल नहीं होऊंगा. लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि यह बेहद अजीब चुनाव था.'
ट्रंप की यह प्रतिक्रिया फ्लेवियो बोल्सोनारो के उस दावे पर आई है, जिसमें उन्होंने खुद को ब्राजील का वास्तविक राष्ट्रपति बताया है. हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.

