J-K में हटाए जाएंगे सारे मंत्री? बागी 15 विधायकों से मिले फारूक अब्दुल्ला, बोले- इनकी मांगें जायज, जल्द समाधान करेंगे
जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट फेरबदल के बाद चल रहा विवाद अब तक शांत नहीं हुआ है. नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के 15 नाराज विधायक और एक निर्दलीय चौथी बार श्रीनगर पहुंचे. शुक्रवार को उन्होंने पार्टी चीफ फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की. उन्होंने विधायकों ने उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी समेत सभी मंत्रियों को पद से हटाने की मांग उठाई.
सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया से मिलने जो विधायक गए थे उसमें जावेद मिर्चल, सज्जाद शफी उरी, गुलाम मोहिउद्दीन मीर, फारूक जान, बशीर अहमद वीरी, अब्दुल माजिद भट उर्फ लारमी, फारूक अहमद शाह, मुबारक गुल, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी, नजीर अहमद गुरेजी, ऐजाज अहमद जान, जावेद इकबाल चौधरी, सैफ-उद-दीन भट और कैसर जमशेद लोन शामिल थे.
मीटिंग के बाद बागी गुट के नेता नजीर गुरेजी ने कहा कि हमने पार्टी लीडरशिप के सामने अपनी शिकायतें रखी हैं, हमें भरोसा दिलाया गया है कि उन पर ध्यान दिया जाएगा.
वहीं NC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'NC कभी नहीं टूटेगी. चल रही खभरें बेबुनियाद हैं. मैंने उनकी शिकायतें सुनी हैं, हम उन पर काम करेंगे.'
फारूक ने विधायकों की शिकायतों को जायज बताया है. वह बोले कि इन पर ध्यान दिया जाएगा, कुछ का समाधान तुरंत होगा, तो कुछ का धीरे-धीरे.
इस मीटिंग में सीएम उमर अब्दुल्ला भी शामिल थे. नाराज विधायकों ने हाईकमान को अपना प्रस्ताव सौंप दिया है. पत्र में विधायक मुबारक गुल समेत कुल 17 MLAs के साइन हैं. प्रमुख दो मांगों का इसमें जिक्र है.
1. सभी मंत्रियों (जिनमें डिप्टी सीएम और सीएम के सलाहकार भी शामिल हैं) को दो हफ्ते के अंदर उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए.
2. मंत्रियों, डिप्टी सीएम और सलाहकार को उनके पद से हटाने के बाद, पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ उचित सलाह-मशविरा करके पारदर्शी तरीके से एक नई कैबिनेट बनाई जाए. इसका पूरा ड्राफ्ट इसके साथ लगा हुआ है.
पत्र में आरोप लगाया गया है कि ज्यादातर कैबिनेट मंत्रियों के अपने काम ठीक से नहीं किए हैं. मतलब कर्तव्य का पालन नहीं किया है.
अब सवाल है कि क्या सीएम उमर इन बागी विधायकों को समझा पाएंगे, या उनकी मांगों को मानकर सभी मंत्रियों को हटा देंगे. सीएम गुरुवार को ही श्रीनगर पहुंचे थे. वे एक नवंबर से जम्मू में रुके हुए थे.
इससे पहले उमर और फारूक अब्दुल्ला ने लाल चौक से एनसी विधायक शेख अहसान अहमद परदेसी के आवास पर जाकर उनके पिता के निधन पर शोक व्यक्त किया था.


