'अब्दुल को हल्के में लेना ट्रम्पवा को भारी पड़ा, अब BJP-सपा...', US इलेक्शन से यूपी की सियासत में छिड़ी जुबानी जंग

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अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल रहमान मोहम्मद अल-सैयद की जीत के बाद 'अब्दुल' को लेकर शुरू हुई सियासी चर्चा अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है. अब्दुल को कभी ट्रंप ने जिहादी बताया था और उन पर मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने तथा शरिया कानून को बढ़ावा ...

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल रहमान मोहम्मद अल-सैयद की जीत के बाद 'अब्दुल' को लेकर शुरू हुई सियासी चर्चा अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है. अब्दुल को कभी ट्रंप ने जिहादी बताया था और उन पर मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने तथा शरिया कानून को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे

अब्दुल की जीत पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पोस्ट पर यूपी बीजेपी ने अखिलेश यादव को घेरा, तो पार्टी के इस बयान पर एआईएमआईएम के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने पलटवार किया है. 

शौकत अली ने कहा कि बीजेपी और समाजवादी पार्टी, दोनों अब्दुल को हल्के में लेने की भूल कर रही हैं. उनके मुताबिक, मुस्लिम समाज में अब राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है और वह सत्ता पक्ष तथा विपक्ष, दोनों की सियासत को प्रभावित करने की क्षमता रखता है.

दरअसल, मिशिगन से अल-सैयद की जीत के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया था. उन्होंने लिखा, “मज़बूत करनी होगी. संघियों ने ‘अब्दुल’ को एक तंज़ में बदलने की बहुत कोशिश की है. वक़्त आ गया है कि हम दिखाएं कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की ग़ुलामी नहीं करता. अब दरी नहीं बिछाएंगे.”

ओवैसी की इसी पोस्ट पर यूपी बीजेपी ने प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लिया. बीजेपी ने एक्स पर लिखा, “मुस्लिम समाज की जगह, अखिलेश यादव की सियासत में आज भी वोट बैंक से आगे नहीं बढ़ पाई है. वोट लेने के लिए आगे और राजनीतिक भागीदारी देने के वक्त पीछे! आखिर कब तक मुस्लिम समाज को सिर्फ दरी बिछाने और भीड़ जुटाने तक सीमित रखा जाएगा?”

बीजेपी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति में मुस्लिम समाज को चुनाव के दौरान समर्थन जुटाने तक सीमित रखा जाता है, जबकि राजनीतिक भागीदारी देने के वक्त उसे पर्याप्त जगह नहीं मिलती.

शौकत अली का पलटवार यूपी बीजेपी के इस बयान के बाद एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने एक्स पर पोस्ट कर जवाब दिया. उन्होंने लिखा, “अब्दुल को हल्के में लेना ट्रम्पवा को भारी पड़ा, उधर नेतन्याहू की भी कुर्सी हिला दिया अब्दुल, लेकिन सपा और बीजेपी दोनों अब्दुल को हल्के में लेने की भूल कर रहे हैं. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की कुर्सी छीनने की क्षमता रखता है अब्दुल, तुम्हारे जुम्मन भी नहीं बचा पाएंगे अब अब्दुल से, क्योंकि अब अब्दुल जाग चुका है.”

यह भी पढ़ें: मुस्लिम पहचान, मिस्र से रिश्ता और राजनीति में बड़ा मुकाम, ट्रंप को छकाने वाले अमेरिका के अब्दुल की कहानी!

इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ ओवैसी ने 'अब्दुल' शब्द को लेकर राजनीतिक पहचान और सम्मान का मुद्दा उठाया, तो दूसरी तरफ यूपी बीजेपी ने इसी बहाने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल खड़े किए. अब शौकत अली ने बीजेपी और सपा, दोनों को निशाने पर लेकर मुस्लिम समाज की राजनीतिक ताकत और भागीदारी का मुद्दा उठाया है. इस तरह अमेरिका के चुनावी नतीजों से शुरू हुई चर्चा उत्तर प्रदेश में बीजेपी, समाजवादी पार्टी और एआईएमआईएम के बीच सियासी बयानबाजी का विषय बन गई है.

Original Source
https://www.aajtak.in/elections/assembly-chunav/story/abdul-in-us-midterm-election-up-bjp-owaisi-asaduddin-shaukat-ali-akhilesh-yadav-muslim-politics-ntc-ksrj-rpti-2688621-2026-11-05?utm_source=rss
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