Annu Kapoor On Protest: 'लोकतंत्र है तो विरोध कर रहे हो', सरकार विरोधी प्रदर्शन पर अन्नू कपूर की दो टूक
बॉलीवुड एक्टर अन्नू कपूर हमेशा बेबाकी से अपनी राय दुनिया के सामने रखते हैं. अब एक्टर ने उन लोगों पर निशाना साधा है, जो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. अन्नू कपूर ने कहा कि लोकतंत्र विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन हिंसा करने का हक किसी के पास नहीं है.
अन्नू कपूर ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि जब विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाए, तो ऐसी स्थिति से निपटने का हक हर सरकार के पास होता है.
इस मुद्दे पर समाचार एजेंसी संग बात करते हुए अन्नू कपूर ने कहा- यह बहुत ही बचकाना विचार है. जब सरकार बदलना चाहते हैं या आम चुनाव आते हैं, तो लोकतंत्र में यह प्रावधान है कि अगर आपको कोई सरकार या किसी का नेतृत्व पसंद नहीं है, तो आप उसके हिसाब से वोट दे सकते हैं. सरकार बदल जाएगी.
लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने आगे कहा- लोकतंत्र है इसीलिए तुम विरोध कर पा रहे हो. अगर लोकतंत्र नहीं होता, तो आप जेल में नहीं होते, बल्कि कहीं और ही पहुंच गए होते. इसलिए, यह हम भारतीयों का सौभाग्य है कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उन्हें भारत के पवित्र संविधान ने विरोध करने का अधिकार दिया है.
सरकार के बारे में क्या बोले अन्नू कपूर?
एक्टर ने आगे कहा कि जब प्रदर्शन हिंसा का रूप ले ले या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाए, तो सरकार के पास कार्रवाई करने का पूरा अधिकार होता है. इस बारे में वो बोले- याद रखिए, जब विरोध विद्रोह में बदल जाए और विद्रोह उपद्रव का रूप ले ले, तो सत्ता में बैठे लोगों के पास ऐसी स्थिति से निपटने का पूरा हक होता है. अगर उपद्रव होता है, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है या दंगे होते हैं, तो सरकार उससे निपटेगी. हर सरकार ने ऐसा ही किया है.
अन्नू कपूर ने कहा कि उन्हें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि उन्हें राज्यसभा सीट चाहिए, इसलिए वो सरकार को सपोर्ट करते हैं. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उन्हें न राज्यसभा में सीट चाहिए और ना ही जन्नत में कोई सीट चाहिए.
अन्नू कपूर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के रिवीजन (SIR) का विरोध कर रहे हैं. इस बयान के बाद, विरोध करने के अधिकार और उस पर सरकार के रवैये को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है.


