कोई वकील, कोई इंस्पेक्टर... जोशीमठ हादसे ने छीनीं 6 परिवारों की खुशियां, कौन थे ये लोग?
उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक हेलीकॉर्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दर्दनाक हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई. हेलीकॉप्टर में सवार पांचों यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले थे. कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है.
जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा था. इसी दौरान चमोली जिले में वह हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया. दुर्घटना में पायलट और हेलीकॉप्टर में सवार पांच यात्रियों की मौत हो गई.
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान प्रताप, अरुण सालुंके, शंकर गौड़ा, के. सुधीर और एच.एस. नटराज के रूप में हुई है. पांचों मृतक बेंगलुरू के रहने वाले थे. जबकि पायलट दिल्ली के रहने वाले थे. जोशीमठ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे ने इन लोगों के परिवार और करीबियों को गहरे सदमें में डाल दिया है.
मृतक शंकर गौड़ा के पड़ोसियों के ने बताया कि वे बेहद ही मिलनसार और मददगार इंसान थे. शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे और काम के सिलसिले में अक्सर बेंगलुरु आते-जाते रहते थे. पड़ोसियों ने बताया कि शंकर गौड़ा हर किसी के सुख-दुख में शामिल होते थे. इलाके में कोई भी परेशानी हो, किसी को कोई मदद चाहिए हो, तो शंकर गौड़ा हमेशा तैयार रहे थे.
Tumakuru, Karnataka | Neighbour of Shankar Gowda, one of the deceased in the Helicopter crash near Joshimath, says, "He hailed from Huliyurdurga in Kunigal and worked as a lawyer, frequently travelling to Bangalore. Shankare Gowda was a friendly-natured person who had a good friendship with everyone and would readily respond to any problem in the area. He had immense devotion to God, fasted for nine days during Navratri, and would celebrate Ganpati and Diwali well..."
पड़ोसियों के मुताबिक, उन्हें ईश्वर में गहरी आस्था थी. वे नवरात्रि के व्रत से लेकर, गणपति पूजा और दिवाली, हर त्योहार बहुत ही उत्साह और धूम-धाम के साथ मनाते थे. उनके जाने से सिर्फ उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा मोहल्ला शोक में डूबा है.
इस हादसे ने अरुण सालुंके के परिवार को भी गहरे सदमे में डाल दिया है. अरुण सालुंके कर्नाटक के बेलगावी जिले के अथानी तालुका स्थित अराताला गांव के निवासी थे. वे कर्नाटक पुलिस के 2007 बैच के इस्पेंक्टर थे और बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच में तैनात थे.
अरुण सालुंके ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली में बतौर इेंटेलिजेंस इंस्पेक्टर की थी. अपनी मेहनत और सेवा के दम पर उन्होंने पुलिस विभाग में अपनी एक अलग पहचान बनाई. लेकिन जोशीमठ के पास हुआ हेलीकॉप्टर हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया.
कर्नाटक से आए ये श्रद्धालु गुरुवार सुबह बदरीनाथ धाम पहुंचे थे. सुबह करीब 10 बजे उनका हेलीकॉप्टर धाम में उतरा था. दर्शन के बाद वे भारत के अंतिम छोर पर स्थित खूबसूरत 'माना गांव' पहुंचे.
माना गांव से लौटने के बाद उन श्रद्धालुओं ने हेलीपैड पर काम कर रहे गाइड से पूछा था, 'क्या हम आज ही वापस लौट सकते हैं?' मौसम ने उस वक्त इजाजत नहीं दी. नियमों के मुताबिक इन यात्रियों को शुक्रवार सुबह ही वापस लौटना था. लेकिन खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के चलते उड़ान में देरी हुई. आखिरकार दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर हेलीकॉप्टर ने बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी.
उड़ान भरने के महज 15 मिनट बाद ही हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बेस से संपर्क पूरी तरह टूट गया. इस दर्दनाक हादसे में पायलट समेत कर्नाटक 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई.
यह भी पढ़ें: 'क्या आज ही लौट सकते हैं?', हेलिकॉप्टर क्रैश से पहले बदरीनाथ से लौट रहे 5 श्रद्धालुओं की वो आखिरी बात
कर्नाटक सरकार ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह उत्तराखंड प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है. और उत्तराखंड प्रशासन के साथ समन्वय कर मृतकों के शवों को जल्द कर्नाटक लाने की व्यवस्था की जा रही है. सरकार ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है.

