चुनावी हार, ट्रंप और वेंस में दरार... 5 Points में समझें अमेरिकी सियासत कैसे हिल गई है

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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है. चुनावी नतीजों के बाद अब रिपब्लिकन खेमे में हार की वजहों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. 

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है. चुनावी नतीजों के बाद अब रिपब्लिकन खेमे में हार की वजहों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. 

 इस हार के बाद न सिर्फ वाशिंगटन का पावर बैलेंस बदला है, बल्कि व्हाइट हाउस के भीतर राष्ट्रपति ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच मतभेद भी सतह पर आ गए हैं. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को पार्टी की हार की बड़ी वजह बताते हुए ट्रंप के रुख से सार्वजनिक तौर पर अलग सुर अपनाया है. 

इससे अमेरिकी राजनीति में ट्रंप और उनके संभावित उत्तराधिकारी वेंस के बीच मतभेद की चर्चा तेज हो गई है. आइए, 5 पॉइंट्स में समझते हैं कि इन नतीजों ने अमेरिकी सियासत का समीकरण कैसे बदल दिया है.

मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना बहुमत गंवा दिया है. प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने 228 सीटें जीतीं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 139 सीटें मिलीं. सदन में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है. 

वहीं, 100 सदस्यों वाली सीनेट में भी डेमोक्रेट्स ने 54 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया है, जबकि रिपब्लिकन के खाते में 44 सीटें आई हैं. सीनेट में बहुमत का आंकड़ा 51 है. इन नतीजों के बाद ट्रंप के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले के मुकाबले मुश्किल हो सकता है.

ईरान युद्ध बना चुनावी हार की बड़ी वजह? उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चुनावी हार के बाद सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर ईरान युद्ध को रिपब्लिकन पार्टी की हार की अहम वजह बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई यह मानता है कि ईरान युद्ध के लिए सीनेट में अगले छह साल तक बहुमत गंवाना सही सौदा था, तो वह ऐसा तर्क दे सकता है. उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि हम क्यों हारे और आगे हमें क्या कर सकते हैं. इस पर होने वाली किसी भी निष्पक्ष चर्चा की शुरुआत इसके साथ ही होनी चाहिए.

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वेंस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ट्रंप लगातार युद्ध को सही ठहरा रहे हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान भी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और नतीजों के बाद कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी और आगे भी जारी रहेगी.

ट्रंप ने वेंस के बयान को बताया ठीक वेंस के बयान के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति से बात की थी. जब उनसे वेंस की पोस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उसे अच्छा बताया और कहा कि वह उनकी भावनाओं को समझते हैं. हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें पता था कि ईरान युद्ध का चुनाव पर असर पड़ेगा. इसके बावजूद उन्होंने सैन्य कार्रवाई का बचाव किया. यानी दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी में अंतर साफ दिखाई दिया, भले ही ट्रंप ने इसे खुला विवाद बताने से परहेज किया.

रिपोर्ट के मुताबिक, एक लाख से अधिक मतदाताओं पर किए गए सर्वे के मुताबिक, करीब 10 में से 6 मतदाताओं ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को गलत फैसला माना. युद्ध से असंतुष्ट मतदाताओं में बड़ी संख्या ने प्रतिनिधि सभा के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन किया. हालांकि, सर्वे यह भी बताता है कि ईरान युद्ध हर मतदाता के लिए सबसे बड़ा मुद्दा नहीं था. 

करीब एक-तिहाई मतदाताओं ने इसे अपने वोट के लिए बेहद अहम बताया, जबकि लगभग आधे मतदाताओं ने महंगाई और सरकारी भ्रष्टाचार को ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दा माना. डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने वाले लगभग सभी मतदाताओं ने युद्ध को गलत फैसला बताया, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थकों में करीब 10 में से 8 ने इसे सही माना.

जेडी वेंस लंबे समय से विदेशों में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर सतर्क रुख अपनाते रहे हैं. इराक युद्ध में मरीन के तौर पर सेवा दे चुके वेंस पहले भी लंबे और अंतहीन सैन्य अभियानों की आलोचना कर चुके हैं. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद भी उन्होंने ट्रंप की तरह खुलकर इसका बचाव नहीं किया. हालांकि, इस गर्मी में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर इससे मिडिल-ईस्ट का स्वरूप बदलता है तो युद्ध इसके लायक हो सकता है.

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 अब चुनावी हार के बाद उनका रुख बदलता दिख रहा है. उन्होंने महंगाई, अमेरिका को प्राथमिकता न दिए जाने और इजरायल के साथ रिश्तों को भी हार की वजहों में गिनाया. इमिग्रेशन पॉलिसी पर भी उन्होंने बदलाव की गुंजाइश जताई और कहा कि अवैध श्रमिकों को काम देने वाले कारोबारों पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है. वेंस ने 2028 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के सवाल पर फैसला चुनाव के बाद करने की बात कही थी. ऐसे में चुनावी हार के बाद उनका यह रुख भविष्य की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेट्स आगे गवर्नर पदों के लिए हुए चुनाव में भी डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिली है. कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे सामने आ चुके हैं. इनमें 22 सीटों पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों और 12 पर रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. दो राज्यों में मतगणना जारी है. कुल मिलाकर इन चुनावी नतीजों ने ट्रंप के सामने राजनीतिक चुनौती बढ़ा दी है. अब देखना होगा कि रिपब्लिकन पार्टी अपनी हार से क्या सबक लेती है और क्या ट्रंप-वेंस के बीच उभरे मतभेद आगे और गहराते हैं.

Original Source
https://www.aajtak.in/world/story/us-midterm-elections-results-donald-trump-jd-vance-iran-war-ntc-ksrj-dskc-2688541-2026-11-05?utm_source=rss
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