दिवाली पर मिठाई खरीदने से पहले ये खबर पढ़ लीजिए! कहीं मिठाई पर घूम रहे थे चूहे, कहीं पनीर में मिला स्टार्च, यूपी के 38 जिलों में छापेमारी

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दिवाली आने वाली है. घरों में मिठाइयां आएंगी, रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां डिब्बे जाएंगे. बाजार में भी मिठाई की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है. लेकिन त्योहार की इस मिठास के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आपको मिठाई खरीदते वक्त थोड़ा सतर्क कर सकती है. उत्तर प्रदेश में फूड सेफ्टी डि...

दिवाली आने वाली है. घरों में मिठाइयां आएंगी, रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां डिब्बे जाएंगे. बाजार में भी मिठाई की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है. लेकिन त्योहार की इस मिठास के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आपको मिठाई खरीदते वक्त थोड़ा सतर्क कर सकती है. उत्तर प्रदेश में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीमों ने मिठाई और नमकीन बनाने वाली दुकानों पर छापेमारी की. कहीं मिठाइयों के ऊपर चूहे घूमते मिले, कहीं गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार हो रही थीं. एक जगह पनीर में स्टार्च मिलाने का मामला भी सामने आया. कुछ दुकानों पर मिठाइयां खुले में रखी मिलीं, तो कहीं सफाई और कीड़े-मकोड़ों से बचाव का इंतजाम तक नहीं था.

दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत प्रदेश के 38 जिलों में जांच अभियान चलाया. 17 मंडलों में हुई इस कार्रवाई के दौरान 260 दुकानों और खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की गई. विभाग ने 303 सैंपल भी लिए. जांच के बाद 229 प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए.

15 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने की सिफारिश की गई. कार्रवाई के दौरान करीब 7660 किलो खाद्य सामग्री जब्त करके नष्ट कराई गई. इसकी कीमत 15.40 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है. इस अभियान में जो बातें सामने आईं, वे सिर्फ मिलावट तक सीमित नहीं थीं. कई जगह मिठाइयां बनाने और रखने की जगह इतनी गंदी मिली कि खाने की चीजों की सफाई पर ही सवाल खड़े हो गए.

औरैया जिले के बिधूना में इंद्रावर स्वीट हाउस की जांच के दौरान चौंकाने वाली बाद सामने आई. यहां रखी मिठाइयों के आसपास चूहे घूमते दिखे. खाद्य सामग्री रखने और मिठाइयां बनाने की जगह पर भी साफ-सफाई की कमी मिली. इसी जिले के आर्य नगर स्थित शिवाजी स्वीट हाउस में मिठाइयां अखबार में रखी मिलीं. इस्तेमाल किए जा चुके तेल को बार-बार इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई. पाल स्वीट हाउस में भी सामान रखने और साफ-सफाई से जुड़ी कमियां मिलीं. इन मामलों में विभाग ने लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित करने की सिफारिश की है.

सीतापुर के राजस्थानी स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में भी स्टोरेज वाली जगह पर चूहे मिले. वहां फर्श, दीवारों, शेल्फ और पानी की निकासी से जुड़ी कमियां भी सामने आईं. विभाग ने यहां भी लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की.

शामली में जांच के दौरान संगल स्वीट्स में खाद्य सामग्री फर्श पर रखी मिली. उसे जिस कपड़े से ढका गया था, वह भी गंदा था. ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि मिठाई में क्या मिलाया गया, बल्कि यह भी है कि उसे किस हालात में तैयार और स्टोर किया जा रहा है.

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मिलावट से जुड़ा एक मामला अमरोहा में सामने आया. यहां शाहबाजपुर रोड स्थित अनीस पनीर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की जांच में पनीर में स्टार्च मिलाए जाने की बात सामने आई. यूनिट में साफ-सफाई और सामान रखने के तरीके पर भी सवाल उठे. विभाग ने पनीर को नष्ट कराया और यूनिट का लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की.

रायबरेली के स्टेशन रोड स्थित सागर जी परफेक्ट शॉप में मिठाइयां अंधेरी और गंदी जगह पर रखी मिलीं. वहां कीड़े-मकोड़ों की मौजूदगी, खराब निकासी व्यवस्था और कर्मचारियों के हाथ धोने के दौरान पानी के छींटे मिठाइयों तक पहुंचने जैसी बातें सामने आईं. न्यू नरेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में भी खुले में रखे खाद्य पदार्थ, सफाई की कमी और कर्मचारियों के हेल्थ सर्टिफिकेट न होने जैसी कमियां मिलीं.

कानपुर देहात के पुखरायां स्थित पंचवटी स्वीट हाउस में गंदे फ्रिज और मिठाई बनाने वाली जगह की हालत पर सवाल उठे. अकबरपुर के बदनाम गुझिया में भी सफाई और वेस्ट मैनेजमेंट की कमी मिली. यहां मिठाई बनाने वाली जगह पर पालतू जानवर दिखे.

झांसी, अंबेडकर नगर, अलीगढ़, हाथरस और फिरोजाबाद में भी अलग-अलग दुकानों और यूनिट्स में सफाई, सामान रखने और लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन से जुड़ी कमियां मिलीं. हाथरस में बिना लाइसेंस चल रही शंकर स्वीट्स को बंद कराया गया. फिरोजाबाद के ढोकला हाउस की इमारत की हालत और सफाई व्यवस्था को लेकर भी कार्रवाई की गई.

फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीमों ने सिर्फ मिठाइयों के सैंपल नहीं लिए. उन्होंने यह भी देखा कि मिठाइयां बनाने में इस्तेमाल होने वाला दूध, खोया, छेना, बेसन, मैदा, तेल, घी और मसाले किस हालत में रखे हैं. खाने में इस्तेमाल होने वाले रंग, बार-बार गर्म किए जा रहे तेल, पानी की गुणवत्ता, कर्मचारियों की सेहत और कीड़े-मकोड़ों से बचाव के इंतजाम भी जांचे गए. इसके अलावा यह भी देखा गया कि दुकानों के पास जरूरी लाइसेंस है या नहीं और मिठाइयों की पैकिंग सुरक्षित तरीके से हो रही है या नहीं.

त्योहार पर मिठाई खरीदने में कुछ सावधानियां जरूर रखी जा सकती हैं. मिठाई ऐसी दुकान से खरीदें जहां बनाने और रखने की जगह साफ दिखाई दे. खुले में रखी, धूल-मिट्टी से ढकी या गंदे बर्तनों में रखी मिठाइयों से बचें. पैक्ड सामान खरीदते समय पैकिंग की तारीख, इस्तेमाल की आखिरी तारीख और जरूरी जानकारी देख लें. और सबसे जरूरी बात, अगर किसी दुकान पर गंदगी या मिलावट का शक हो तो उसे नजरअंदाज न करें. फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट में शिकायत की जा सकती है. दिवाली खुशियों का त्योहार है. मिठाई उसी खुशी का हिस्सा है. लेकिन मिठास के साथ सेहत का भी खयाल रखना है.

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https://www.aajtak.in/uttar-pradesh/story/up-diwali-food-safety-raid-rats-sweets-7660-kg-food-seized-38-districts-lcla-strc-2683815-2026-10-30?utm_source=rss
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