'3 करोड़ घुसपैठिए कौन, 13 करोड़ नाम क्यों काटे?', नितिन नवीन से चिदंबरम ने पूछे 5 सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने देश में 3 करोड़ घुसपैठियों के मौजूद होने के बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के दावे पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने नितिन नवीन से पांच सवाल पूछते हुए कहा है कि सरकार को उन लोगों की पहचान सार्वजनिक करनी चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए. चिदंबरम ने यह भी पूछा कि अगर घुसपैठियों की संख्या 3 करोड़ है तो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 13 करोड़ 30 लाख नाम क्यों हटाए गए.
पी. चिदंबरम ने बीजेपी अध्यक्ष से पूछा कि उन्होंने जिन 3 करोड़ घुसपैठियों की बात कही है, वे कौन लोग हैं? क्या केंद्र और राज्य सरकारों ने उनकी पहचान कर ली है? उन्होंने दूसरे सवाल में कहा कि अगर हरियाणा के लोग जानते हैं कि घुसपैठिए कौन हैं तो राज्य सरकार को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए. फिर सरकार उनके नाम सार्वजनिक कर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती?
पी चिदंबरम ने कहा कि कोई भी घुसपैठियों को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा है. बीजेपी अध्यक्ष को उनकी पहचान बतानी चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने चौथा सवाल उठाया कि अगर देश में 3 करोड़ घुसपैठिए हैं तो फिर 13 करोड़ 30 लाख नाम क्यों हटा दिए गए? क्या इन नामों में सिर्फ मृत लोगों के नाम शामिल थे?
Here are some questions submitted to the BJP President: 1. Who are the 3 crore infiltrators you spoke about yesterday? Has the central government and the state governments identified them? 2. You said the people of Haryana know who the infiltrators are. If the people know, the government of Haryana must also know. Why doesn't the state government publish their names and take action against them? 3. No one is protecting the infiltrators; please identify the infiltrators and take action against them according to law 4. If there are 3 crore infiltrators, why did you delete 13,30,00,000 names (except the dead)? 5. What about the persons (91-93%), among the deleted, who won their Appeals in West Bengal? Are they infiltrators too? @Nitin Nabin, President, BJP
अपने पांचवें सवाल में चिदंबरम ने पश्चिम बंगाल में अपील के बाद नाम दोबारा जुड़वाने वाले लोगों का जिक्र किया. उन्होंने पूछा कि हटाए गए नामों में से 91 से 93 फीसदी लोग ऐसे थे, जिन्होंने अपील में जीत हासिल की. क्या वे लोग भी घुसपैठिए थे?
वहीं, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर चुनावी नतीजों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब जनता कांग्रेस को चुनती है तो पार्टी कहती है कि लोकतंत्र जिंदा है, लेकिन जब जनता उसे नकार देती है तो वह लोकतंत्र खतरे में होने का दावा करने लगती है.
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस जीतती है तो सब ठीक रहता है. केरल में SIR के बाद जीत मिलती है तो नतीजे शानदार लगते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में हारने पर पार्टी लोकतंत्र को खतरे में बताने लगती है. उनके मुताबिक, जनता कांग्रेस के इस दोहरे रवैये को देख रही है. 'कांग्रेस का मकसद सिर्फ राजनीति करना'
बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है. चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाती है, जबकि उनके मुताबिक इनमें से 3 करोड़ से ज्यादा लोगों का कोई पता नहीं चल पा रहा है.
नितिन नवीन ने कहा कि चुनाव आयोग की व्यवस्था के तहत हर बूथ पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) होता है. बिहार में कांग्रेस के 80 हजार में से 20 हजार बूथों पर BLA मौजूद थे, लेकिन उनमें से 2 हजार से भी कम ने शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मकसद सिर्फ राजनीति करना है और वह घुसपैठियों को भारतीय नागरिकों के बराबर अधिकार दिलाने की कोशिश कर रही है. नितिन नवीन ने कहा कि बीजेपी का मानना है कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार उसके नागरिकों और गरीब परिवारों का है.

