योगी की तारीफ, 29 में मोदी: यूपी में कैसे एजेंडा सेट कर रहे अमित शाह
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीजेपी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हो गई है, जिसका आगाज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया. भाजपा के कार्यकर्ताओं को मालिक बताते हुए राम-राम कहते हुए अमित शाह ने 2027 के विधानसभा चुनाव का रोडमैप सामने रखा, जिससे साफ हो गया है कि बीजेपी आने वाले सियासी महासंग्राम को किसी भी कीमत पर हल्के में लेने के मूड में नहीं है.
अमित शाह ने कार्यसमिति की बैठक में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज की जमकर सराहना की और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरते हुए 2029 में एक बार फिर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प दोहराया. इसके साथ ही अयोध्या में गोली कांड के जख्म को कुरेद कर सपा पर निशाना साधा.
अमित शाह आए तो थे बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में ताकि नए-नवेले संगठन में जान फूंक सकें. इस मंच का इस्तेमाल कर अमित शाह ने अपने लाखों कार्यकर्ताओं को यह संदेश भेजा कि उनकी नाराजगी उन्हें मालूम है और निराश नहीं होना है. शाह ने स्पष्ट संदेश दिया कि जीत केवल बड़े नेताओं के भाषणों से नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की मेहनत से हासिल होती है. इसलिए बीजेपी का कार्यकर्ता ही सर्वोपरि है और रहेगा.
अमित शाह ने अपने संबोधन में अयोध्या के राम मंदिर के सांस्कृतिक और राजनीतिक महात्म्य को प्रमुखता से रेखांकित किया. 30 अक्टूबर 1990 की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने सपा पर सीधा वार करते हुए कहा कि जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे किस मुंह से दोबारा सरकार बनाने की बात करते हैं? आपने गोलियां चलवाईं और हमारी सरकार ने भव्य राम मंदिर बनाकर करोड़ों श्रद्धालुओं का सपना पूरा किया.
अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए अमित शाह ने कहा कि आपकी तीसरी पीढ़ी को भी जनता माफ नहीं करेगी. कल्याण सिंह ने सरकार की चिंता किए बिना विवादित ढांचे को ध्वस्त कराया. इस तरह कार्यकर्ताओं को यह याद दिलाने की रणनीति थी कि भाजपा के विचार की वैचारिक नींव कितनी मजबूत है.
अखिलेश यादव अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मुद्दे को उछालकर लगातार बीजेपी को सनातन विरोधी बताने में लगे हैं. अब अमित शाह ने भगवान राम का नाम लेकर और मुलायम सिंह यादव की सरकार में कारसेवकों पर चलाई गई गोलियों का जिक्र कर बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ तौर से बता दिया है कि भगवान राम के मुद्दे पर कतई पीछे हटने की जरूरत नहीं है. भगवान राम का नाम लेकर आज पार्टी यहां तक पहुंची है और आगे भी इसी तरह बढ़ती रहेगी.
बीजेपी कार्यसमिति की बैठक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर था. अमित शाह ने स्पष्ट घोषणा की कि 2027 में जैसे ही उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की तीसरी बार सरकार बनेगी, राज्य में UCC लागू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने जा रही है, इसमें कोई दुविधा नहीं है. यूपी में तीसरी बार सरकार बना दो, यहां भी UCC लागू करेंगे.
उत्तराखंड के बाद यूपी में समान नागरिक संहिता का कार्ड खेलकर शाह ने 2027 की सियासी बिसात पर विपक्ष के सामने एक बड़ा वैचारिक धर्मसंकट खड़ा कर दिया है. इसे सपा को कास्ट के बजाय हिंदुत्व की पिच पर लाने का दांव माना जा रहा है. अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलवाने का जिक्र करने के साथ-साथ UCC को लागू करने का ऐलान किया.
संगठन के जमीनी तंत्र को रिचार्ज करने में माहिर अमित शाह ने भाषण की शुरुआत देवतुल्य कार्यकर्ताओं का दिल जीतने से शुरू की. उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी का 'मालिक' कहकर संबोधित किया और मंच से भावुक अंदाज में कहा कि भाजपा के मालिक देवतुल्य कार्यकर्ताओं को मेरा राम-राम. शाह का यह अंदाज महज औपचारिक शिष्टाचार नहीं था, बल्कि पन्ना प्रमुखों और बूथ संयोजकों में नई ऊर्जा फूंकने का एक सधा हुआ राजनीतिक दांव माना जा रहा है.
यूपी में चुनाव दर चुनाव पिछड़ते जाने का दर्द बीजेपी के भीतर महसूस किया जा रहा है. झुके हुए कंधे और निराश कार्यकर्ताओं के दर्द को भी छूते दिखे अमित शाह. शाह ने आखिरी में जब यह कहा कि गोमती में अपनी निराशा और नाराजगी फेंक आएं, सरकार बनाने में जुटें, बीच-बीच में आकर रिपोर्ट कार्ड देखता रहूंगा, इसलिए सभी अपना बही-खाता दुरुस्त रखें, तो खूब तालियां बजीं.
शाह ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं का आह्वान किया, उन्हें याद दिलाया कि कैसे 2014 में जब बीजेपी को कोई उत्तर प्रदेश में सीरियसली लेने को तैयार नहीं था, तब इन्हीं कार्यकर्ताओं ने रिकॉर्ड 73 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को दी थीं. 2017 में जब वह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तो बीजेपी को ऐतिहासिक और प्रचंड बहुमत मिला था और तब भी सिर्फ कार्यकर्ताओं की मेहनत थी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था और माफिया-मुक्त शासन की जमकर तारीफ करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और यूपी में योगी आदित्यनाथ का कड़ा व पारदर्शी नेतृत्व भाजपा का सबसे अभेद्य कवच है. उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार 'अंगद का पैर' है, जिसे कोई भी विपक्षी गठबंधन नहीं हिला सकता.
अमित शाह नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाते और नसीहत देते भी दिखे. भाषण में ही अमित शाह ने कहा कि हो सकता है किसी को मंत्री बनने की इच्छा रही हो, वह सांसद तक ही रह गया हो; प्रदेश में मंत्री बनने की इच्छा रही हो, लेकिन विधायक तक ही रह गया हो. सांसद बनने की इच्छा रही हो, लेकिन विधायक बन पाया हो. किसी की विधायक बनने की इच्छा रही हो, वह जिला पंचायत अध्यक्ष ही बन पाया हो; कोई जिला पंचायत अध्यक्ष बनना चाहता हो, हो सकता है वह जिला पंचायत सदस्य तक रह गया हो, लेकिन सबको कुछ न कुछ पार्टी से मिला है.
अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं योगी जी को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने कठोर शासन देकर यूपी को माफियाओं से मुक्त किया है. इस तरह शाह ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मॉडल और केंद्र-राज्य की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए योगी सरकार की पीठ थपथपाई.
यूपी में हुए निवेश का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं. बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेश का माहौल बना है और इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं. उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के शासनकाल के कामकाज को मिला दिया जाए, तब भी योगी सरकार का एक कार्यकाल उनसे अधिक काम करने वाला साबित होगा.
उन्होंने कहा कि यूपी से भाजपा को कोई हिला नहीं सकता है. उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब कमर कस लो. अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखो, हमें तीसरी बार सरकार बनानी है. इसके साथ ही शाह ने लखनऊ में यूपी बीजेपी की बैठक से यह संदेश दिया है कि मोदी कहीं नहीं जा रहे, चौथी बार 2029 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे.
अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि जमीन पर काम करिए. मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं और आप लोग ऐसे ही डटे रहे तो चौथी बार भी बनेंगे और उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत की सरकार बनने से कोई रोक नहीं पाएगा. शाह ने साफ संदेश दिया कि देश में मजबूत सरकार और 2029 के विजन को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में 2027 की चुनावी वैतरणी पार करना बेहद जरूरी है.
