रात तक कमजोर होगा मुरासु, बापटला में 222 मिमी बारिश... आंध्र के तटीय इलाकों में तबाही
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु (Cyclone Murasu) ने भारी तबाही मचाई है. मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे इस भीषण चक्रवाती तूफान की आंख (Eye of Cyclone) आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गई. हालांकि, मौसम प्रणाली का पिछला हिस्सा अभी भी तट पर पहुंचकर जमीन में प्रवेश कर रहा था. इसके कारण राज्य के कई तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 12 घंटों तक दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है.
तूफान के कारण बापटला, नरसापुर, ओंगोल और मछलीपट्टनम जैसे इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग लगातार इसकी स्थिति पर नजर रख रहा है. तूफान के धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है, लेकिन इसके कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश और तेज हवाओं से लोगों को तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है.
मौसम विभाग के अधिकारी के अनुसार, चक्रवात मुरासु की आंख मंगलवार सुबह 5:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गई. सुबह 8:30 बजे तक यह दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर मौजूद था और पिछले छह घंटों में लगभग 8 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था.
विशाखापट्टनम स्थित साइक्लोन वार्निंग सेंटर (CWC) और भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 8:30 बजे तूफान का केंद्र ओंगोल से 30 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व, बापटला से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, कावली से 90 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व, विजयवाड़ा से 100 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में था.
Cyclone Murasu: Extremely heavy rain is forecast for coastal Andhra Pradesh on Nov 2–3. Heavy to very heavy rainfall may also affect Telangana, Tamil Nadu, Odisha and Chhattisgarh during Nov 1–5. #CycloneMurasu #RainfallAlert #Skymet https://t.co/FSnjO7bJlz
मौसम विभाग के मुताबिक, मुरासु मंगलवार दोपहर तक धीरे-धीरे कमजोर होकर तूफान में बदल सकता है. इस दौरान हवा की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है.
इसके बाद मंगलवार आधी रात तक इसके और कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है.
हालांकि, तूफान का कमजोर होना खतरे के पूरी तरह समाप्त होने का संकेत नहीं है. इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में बारिश, जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात बाधित होने की आशंका बनी रहेगी.
मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है. सोमवार सुबह 8:30 बजे से मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, बापटला में सबसे अधिक 222.4 मिलीमीटर बारिश हुई.
अन्य इलाकों में दर्ज बारिश इस प्रकार रही...
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि चक्रवात के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश का प्रभाव काफी व्यापक रहा है. विशेष रूप से बापटला और नरसापुर में अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है.
मौसम विभाग ने दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटों तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है. ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचना चाहिए और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए.