15 साल की तान्वी ने यूथ ओलंपिक बैडमिंटन में रचा इतिहास, सिल्वर जीतने वाली बनीं पहली भारतीय महिला
15 साल की तान्वी पत्री यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन का सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. ओडिशा की इस खिलाड़ी ने फाइनल में गोल्ड के लिए आखिरी दम तक मुकाबला किया. वह एक समय 10-19 से पीछे थीं, लेकिन लगातार अंक जुटाकर मैच में लौट आईं. तान्वी ने पांच मैच पॉइंट बचाए, फिर खुद गोल्ड जीतने के तीन मौके बनाए. हालांकि, वह इनका फायदा नहीं उठा सकीं. चीन की झांग यी शिन ने 26-24 से आखिरी गेम जीतकर गोल्ड अपने नाम कर लिया.
सेनेगल की राजधानी डकार में गुरुवार को खेले गए फाइनल में तान्वी ने पहला गेम 21-15 से जीता था. दूसरे गेम में झांग ने वापसी की और 21-13 से जीत दर्ज कर मुकाबला बराबर कर दिया. इसके बाद तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. आखिरी गेम का स्कोर 26-24 रहा. इस तरह तान्वी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.
फाइनल का आखिरी गेम तान्वी के लिए आसान नहीं था. झांग ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी. ब्रेक तक वह 11-7 से आगे थीं. इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने स्कोर 19-10 कर दिया. ऐसा लग रहा था कि झांग आसानी से गोल्ड जीत लेंगी, लेकिन तान्वी ने हार नहीं मानी.
उन्होंने लगातार अंक जुटाए और स्कोर का अंतर कम कर दिया. झांग को मिले पांच मैच पॉइंट भी तान्वी ने बचा लिए. इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए खुद तीन मैच पॉइंट हासिल कर लिए. अब गोल्ड उनसे सिर्फ एक जीत दूर था, लेकिन वह तीनों मौकों को भुना नहीं सकीं. झांग ने लगातार अंक हासिल किए और 26-24 से गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया.
तान्वी ने दकार में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की थी. ग्रुप स्टेज के पहले मुकाबले में उन्होंने मेक्सिको की सारा गोंजालेज को 21-8, 21-12 से हराया. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की स्मृति अडेपु को 21-4, 21-12 से मात दी. दक्षिण कोरिया की जियोंग यू जांग को हराकर उन्होंने नॉकआउट राउंड में जगह बनाई.
क्वार्टर फाइनल में तान्वी का सामना थाईलैंड की कुंगकाएव कनानिक से हुआ. भारतीय खिलाड़ी ने यह मुकाबला 21-17, 21-13 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. इसके साथ ही वह यूथ ओलंपिक बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं.
सेमीफाइनल में तान्वी के सामने जापान की युजुनो वातानाबे थीं. तान्वी ने पहला गेम 21-14 से जीता, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने दूसरा गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया. तीसरे गेम में मुकाबला बेहद करीबी रहा. तान्वी ने दबाव में अच्छा खेल दिखाया और 21-19 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली. यह मुकाबला 54 मिनट तक चला.
तान्वी से पहले यूथ ओलंपिक में भारत के तीन पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी सेमीफाइनल तक पहुंचे थे. एचएस प्रणय ने 2010 में सिल्वर मेडल जीता था. लक्ष्य सेन 2018 में फाइनल तक पहुंचे थे, जबकि आदित्य जोशी 2014 में सेमीफाइनल खेले थे. अब तान्वी ने इस सूची में अपना नाम जोड़ लिया है. वह यूथ ओलंपिक की बैडमिंटन स्पर्धा में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी हैं.
डकार 2026 यूथ ओलंपिक में भारत के खाते में अब तक चार मेडल आ चुके हैं. इनमें दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज शामिल हैं. तान्वी के अलावा खुशबू रजकभाई दरजादा ने जूडो के 63 किलो वर्ग में सिल्वर जीता. धिनिधि देसिंघु ने महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी में ब्रॉन्ज हासिल किया, जबकि राजकुमारी लंचेनबी चानू ने चांगक्वान-गुंशु कंबाइंड वुशु इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.
गोल्ड से चूकने के बावजूद तान्वी का यह सिल्वर भारतीय बैडमिंटन के लिए खास उपलब्धि है. महज 15 साल की उम्र में उन्होंने यूथ ओलंपिक के फाइनल तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है.

