समंदर किनारे मिली ऐसी मछली, जिसमें होता है साइनाइड से 1000 गुना खतरनाक जहर

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समंदर किनारे घूमते हुए अगर आपको कोई अजीब सी मछली पड़ी दिखाई दे तो उसे छूने की गलती बिल्कुल मत कीजिएगा. भले ही वह मरी हुई क्यों न हो. ब्रिटेन के एक मशहूर बीच पर ऐसी ही एक मछली मिलने से हड़कंप मच गया है. यह कोई आम मछली नहीं, बल्कि पफरफिश है. 

समंदर किनारे घूमते हुए अगर आपको कोई अजीब सी मछली पड़ी दिखाई दे तो उसे छूने की गलती बिल्कुल मत कीजिएगा. भले ही वह मरी हुई क्यों न हो. ब्रिटेन के एक मशहूर बीच पर ऐसी ही एक मछली मिलने से हड़कंप मच गया है. यह कोई आम मछली नहीं, बल्कि पफरफिश है. 

इसके शरीर में ऐसा जहरीला पदार्थ पाया जाता है, जो साइनाइड से भी 1000 गुना ज्यादा खतरनाक हो सकता है. खास बात यह है कि मछली की मौत हो जाने के बाद भी उसका जहर जानलेवा बना रहता है.

बीच पर मरी हुई हालत में मिली पफरफिश द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला ब्रिटेन के डोरसेट इलाके के स्टडलैंड में स्थित नॉल बीच का है. यहां ओवेन बूटी नाम के एक शख्स को समुद्र किनारे करीब 17 इंच लंबी एक अजीब सी चीज दिखाई दी. शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कोई छोटा बुआ यानी समुद्र में इस्तेमाल होने वाला निशान लगाने वाला उपकरण या प्लास्टिक बैग है.

लेकिन जब वह पास पहुंचे तो पता चला कि यह एक मरी हुई मछली है. इसका शरीर गुब्बारे की तरह फूला हुआ था. ओवेन पहले भी विदेशों में डाइविंग के दौरान पफरफिश देख चुके थे. इसलिए उन्हें अंदाजा हो गया कि यह वही मछली हो सकती है.

हालांकि, पुष्टि करने के लिए उन्होंने इसकी तस्वीरें डोरसेट वाइल्डलाइफ ट्रस्ट और समुद्री जीवों के एक विशेषज्ञ को भेजीं. जांच के बाद इसकी पहचान पफरफिश के रूप में हुई.

साइनाइड से 1000 गुना ज्यादा जहरीली क्यों है यह मछली? पफरफिश की सबसे खतरनाक खासियत इसके शरीर में मौजूद टेट्रोडोटॉक्सिन  नाम का जहर है. यह एक बेहद शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन है, जो शरीर के नर्वस सिस्टम पर असर डालता है. इसकी वजह से मांसपेशियों का काम करना बंद हो सकता है और गंभीर मामलों में सांस लेने में परेशानी के कारण जान भी जा सकती है.

इस मछली के शरीर के कुछ हिस्सों, खासकर लिवर, अंडाशय, आंतों और त्वचा में जहर मौजूद हो सकता है. यही वजह है कि इसे छूना या खाना बेहद खतरनाक हो सकता है. पफरफिश को ठीक से साफ न किया जाए तो इसके जहरीले अंगों का जहर खाने योग्य मांस में भी पहुंच सकता है. इसलिए इसे खाने से गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है. कई देशों में इसे खाने की अनुमति बेहद सख्त नियमों और विशेष ट्रेनिंग के साथ ही दी जाती है.

खतरा सिर्फ खाने से नहीं, छूने से भी हो सकता है पफरफिश को छूने से जुड़े खतरे को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसके शरीर पर छोटे और नुकीले कांटे हो सकते हैं. अगर ये कांटे त्वचा में चुभ जाएं और जहर शरीर में पहुंच जाए तो गंभीर परेशानी हो सकती है.

इसलिए अगर समुद्र किनारे ऐसी मछली दिखाई दे तो उससे दूरी बनाकर रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है. खास बात यह है कि मछली के मर जाने के बाद भी उसके शरीर में मौजूद जहर खत्म नहीं हो जाता.

आखिर ब्रिटेन के समुद्र तट पर कैसे पहुंची यह मछली? पफरफिश आमतौर पर गर्म समुद्री इलाकों में पाई जाती है. इसका ठिकाना मुख्य रूप से हिंद महासागर, प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर के गर्म पानी वाले हिस्से हैं. ब्रिटेन के ठंडे समुद्री तट पर इसका मिलना काफी असामान्य है.

माना जा रहा है कि हाल के दिनों में आए तूफानों ऑस्टेन और बोआलो की वजह से यह मछली अपने सामान्य इलाके से सैकड़ों मील दूर बहकर पहुंच गई होगी. हालांकि, इसके ब्रिटेन के तट पर पहुंचने की असली वजह की पुष्टि नहीं हुई है.

पफरफिश का नाम उसके बचाव के अनोखे तरीके की वजह से पड़ा है. जब इसे किसी शिकारी से खतरा महसूस होता है तो यह अपने शरीर में पानी या हवा भरकर गुब्बारे की तरह फूल जाती है. इससे इसका आकार काफी बड़ा हो जाता है और शिकारी के लिए इसे निगलना मुश्किल हो जाता है. इसका शरीर फूलने के बाद गोल गेंद जैसा दिखाई देने लगता है. यही इसकी सबसे खास पहचान भी है.

लोगों को मछली से दूर रहने की सलाह ओवेन बूटी ने बताया कि वह डोरसेट के समुद्री इलाके में काफी समय बिताते हैं और यहां की समुद्री दुनिया को करीब से जानते हैं. लेकिन स्थानीय समुद्र तट पर पफरफिश मिलने की उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी.

डोरसेट वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के प्रवक्ता ने भी इसे ब्रिटेन के समुद्री इलाकों में एक दुर्लभ नजारा बताया है. संस्था ने लोगों को सलाह दी है कि अगर उन्हें समुद्र किनारे कहीं पफरफिश दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न छुएं और इसकी जानकारी संबंधित संस्था को दें.

वहीं, स्टडलैंड बीच का मालिकाना हक रखने वाले नेशनल ट्रस्ट ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस मछली के मिलने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है.

कुल मिलाकर, समुद्र किनारे मिली यह मछली भले ही देखने में छोटी और अजीब लगे, लेकिन इसके अंदर मौजूद जहर बेहद खतरनाक हो सकता है. इसलिए ऐसी किसी भी मछली को देखकर उत्सुकता में उसके पास जाना या उसे हाथ लगाना भारी पड़ सकता है.

Original Source
https://www.aajtak.in/trending/story/deadly-pufferfish-more-toxic-than-cyanide-found-on-dorset-beach-tstsd-dskc-2686661-2026-11-02?utm_source=rss
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