10 विकेट लेने के बाद रो पड़ा साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर, साइमन हार्मर की कहानी दिल छू जाएगी
साउथ अफ्रीका के ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर के लिए केपटाउन टेस्ट में यादगार प्रदर्शन किया. 37 वर्षीय हार्मर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मैच में कुल 10 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका को 176 रनों से जीत दिलाई. इस जीत के चलते साउथ अफ्रीकी टीम ने सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली.
मैच के बाद जब साइमन हार्मर से उनके युवा दिनों के लिए कोई संदेश देने को कहा गया तो वह भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं. अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने करियर में कुछ भी बदलना नहीं चाहेंगे. कुछ देर रुकने के बाद उन्होंने कहा कि उनके अनुभवों ने उन्हें वह इंसान बनाया है, जो आज वह हैं.
Simon Harmer waited two years between his 10th and 11th career Test match and he’s been on fire ever since 🔥 #SAvAUS #SSCricket https://t.co/b9VULIUU2t
साइमन हार्मर 2015 में भारत दौरे के बाद साउथ अफ्रीकी टेस्ट टीम से बाहर हो गए थे. इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड में एसेक्स के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और कई वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे. इस दौरान उन्होंने अपने खेल को बेहतर बनाया और काउंटी क्रिकेट के सफल स्पिनरों में अपनी पहचान बनाई. साल 2022 में साउथ अफ्रीकी टीम में उनकी वापसी हुई और उन्हें टेस्ट क्रिकेट में दोबारा अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिला.
कगिसो रबाडा ने भी काटा गदर निर्णायक टेस्ट के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 288 रन बनाने थे. वहीं साउथ अफ्रीका को 10 विकेट की जरूरत थी. कगिसो रबाडा ने शुरुआती ओवर में दो विकेट लेकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई. इसके बाद साइमन हार्मर ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया. उन्होंने दूसरी पारी में करियर की सर्वश्रेष्ठ 6/16 की गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलिया को 111 रनों पर समेट दिया. मैच में उनके आंकड़े 10/120 रहे और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया.
साइमन हार्मर ने बताया कि केपटाउन में उनकी कोशिश सिर्फ सही जगह पर लगातार गेंदबाजी करने की थी. टर्न लेती पिच पर उन्होंने गति, फ्लाइट और एंगल में बदलाव कर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान किया.
पहले टेस्ट में 214 रनों की हार के बाद साउथ अफ्रीका ने शानदार वापसी की. टीम ने सीरीज का दूसरा टेस्ट पारी और 31 रनों से जीता, जबकि केपटाउन में जीत के साथ टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की और आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया.
