वाराणसी के स्कूल में तेंदुए की आहट से दहशत, 10 दिन से बंद है पढ़ाई; बकरी बांधकर लगाया पिंजरा
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कैंटोनमेंट जैसे अतिसंवेदनशील इलाके में पिछले करीब 10 दिनों से तेंदुए की आशंका को लेकर दहशत का माहौल है. सेंट मैरिज कॉन्वेंट स्कूल के मैदान और पेयजल टंकी के पास CCTV कैमरे में तेंदुए जैसी आकृति वाला एक जानवर दिखाई दिया था. इसके बाद से स्कूल बंद है और बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जा रही है.
वन विभाग की टीम संदिग्ध जानवर को पकड़ने के लिए लगातार निगरानी कर रही है. स्कूल परिसर के अलावा कैंटोनमेंट क्षेत्र के बंगला नंबर 61 में भी पिंजरा लगाया गया है. दोनों जगह पिंजरे में बकरी को चारे के तौर पर रखा गया है, ताकि जानवर शिकार के लिए आए तो पिंजरे में कैद हो सके.
सेंट मैरिज कॉन्वेंट स्कूल के मैदान और पानी की टंकी के पास लगे CCTV कैमरों में एक जानवर दिखाई दिया था. फुटेज में जानवर कभी मैदान में भागता नजर आता है तो कभी पेयजल टंकी के पास से गुजरता दिखाई देता है.
इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद कर दिया गया. फिलहाल बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है. वन विभाग की टीम स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में निगरानी कर रही है.
जानवरों को पकड़ने में मदद करने वाले पिंटू वर्मा के मुताबिक, अभी तक तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है. न तो उसके पंजों के निशान मिले हैं और न ही मल-मूत्र के साक्ष्य मिले हैं. फिलहाल एक CCTV फुटेज ही सामने आया है, जिसमें जानवर की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है.
उनका कहना है कि फुटेज में दिखाई दे रहा जानवर बिल्ली प्रजाति का हो सकता है. यह तेंदुआ है या फिशिंग कैट जैसा कोई अन्य जानवर, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. देखें एक VIDEO:-
कैंटोनमेंट क्षेत्र के बंगला नंबर 61 में भी वन विभाग ने पिंजरा लगाया है. यहां रहने वाले लोगों ने शिकायत की है कि जिस समय इलाके में संदिग्ध जानवर दिखाई दिया था, उसी दौरान उनकी तीन बकरियां गायब हो गईं. उन्हें आशंका है कि बकरियों के गायब होने के पीछे इसी जानवर का हाथ हो सकता है.
वन विभाग ने बंगले में 24 घंटे निगरानी के लिए कर्मचारियों को तैनात किया है. वन दरोगा के मुताबिक, तेंदुए की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर बकरी के साथ पिंजरा लगाया गया है. जानवर की गतिविधियों का पता लगाने के लिए ट्रैप कैमरा और ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की गई है.
स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे के अभिभावक सागर सिंघल ने बताया कि इस घटना से परिवारों की चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि जब तक जानवर पकड़ा नहीं जाता या उसके इलाके से चले जाने की पुष्टि नहीं होती, तब तक बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल है.
वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें. टीम संदिग्ध जानवर की पहचान और उसे पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.


